मनड़ो लागो मेरो यार फकीरी में
जसोल (बाड़मेर )-माता राणी भटियाणी मंदिर प्रांगण में श्री राणी भटीयाणी मंदिर संस्थान की और से आयोजित की जा रही राम कथा के दूसरे दिन मानस कथाकार संत श्री मुरलीधर जी महाराज नें शिव पार्वती के विवाह व बारात के प्रसंग को बताया , सुख में मनुष्य का सारा जीवन निकल जाता हैं लेकिन जब दुख आता हैं तो एक पल भी नही निकल सकता हैं मनुष्य को समय का ज्ञान होना चाहिए तभी ही उसका जीवन सार्थक होगा |
जसोल (बाड़मेर )-माता राणी भटियाणी मंदिर प्रांगण में श्री राणी भटीयाणी मंदिर संस्थान की और से आयोजित की जा रही राम कथा के दूसरे दिन मानस कथाकार संत श्री मुरलीधर जी महाराज नें शिव पार्वती के विवाह व बारात के प्रसंग को बताया , सुख में मनुष्य का सारा जीवन निकल जाता हैं लेकिन जब दुख आता हैं तो एक पल भी नही निकल सकता हैं मनुष्य को समय का ज्ञान होना चाहिए तभी ही उसका जीवन सार्थक होगा |
जीवन में जब भी विषम परिस्थिति आये तो अपना धेर्य नही खोना चाहिए , संकट से नही घबराना चाहिए | आज का मानव माया के जाल में फंसा हुआ हैं परिवार में संस्कारों की कमी आ रही है | वर्तमान समय मे लोगो की विचारधारा रहती हैं कि राम का भजन बुढ़ापे में करूँगा , बचपन मे हरि नाम का भजन शुरू हो जाये तो सर्वश्रेष्ठ होता हैं जीवन मे एक लक्ष्य का निर्धारण करना चाहिए विपरीत परिस्थितियों आने पर भी लक्ष्य स्वत ही प्राप्त हो जाता है।
कथा में रावल किशन सिंह , नरपतसिंह, घनश्याम सिंह शेखावत , आशाराम माहेश्वरी प्रतापराम माली , गायक श्याम पालीवाल सहित बडी संख्या मे भक्त गण व श्रोता उपस्थित थे |


