जयपुर, 13 अक्टूबर। गृह मंत्री श्री गुलाब चंद कटारिया ने पुलिस विभाग के अधिकारियों को अपराधियों से सख्ती से निपटने के निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस अपराधियों एवं अपराधों को नियंत्रित करने का हरसंभव प्रयास करें, जिससे कि प्रदेश में शांति, सद्भाव एवं भाईचारा बना रहे। उन्होंने कहा कि हार्डकोर अपराधियों एवं गंभीर किस्म के अपराधों को नियंत्रित करने के लिये ऎसी कार्ययोजना तैयार करें कि अपराधियों में भय पैदा हो।
श्री कटारिया बुधवार को पुलिस मुख्यालय में गृह विभाग की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पुराने लंबित मुकदमों के निस्तारण के लिये एक अभियान चलाया जायेे।
उन्होंने कहा कि स्थाई वारंटी, भगोडे एवं मफरूरों के खिलाफ पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाकर सामयिक पर्यवेक्षण करते हुए प्रभावी कार्यवाही की जावे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार की मंशा है कि आये दिन होने वाली सड़क दुर्घटनाओें पर नियंत्रण के लिए हरसंभव प्रयास किया जाकर इनसे होने वाली मौतों की संख्या में कमी लाना है। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि वर्ष 2015 की अपेक्षा 2017 में सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 7 प्रतिशत कमी आई है। इसी प्रकार घायलों की संख्या में लगभग 7 प्रतिशत कमी आई है किन्तु इन दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या में विशेष कमी नहीं आई है। बैठक में तेज गति से वाहन चालन, शराब पीकर वाहन चालन पर प्रभावी रोक, हेलमेट, लेन ड्राईविंग पर विशेष ध्यान दिये जाने के निर्देश दिये गये ।
गृहमंत्री ने बताया कि दुपहिया वाहनों से होने वाली मृत्युदर में कमी लाने के लिये गांवों में भी हैलमेट लगाने के प्रावधान को सख्ती से लागू किये जायें।
श्री कटारिया ने बताया कि प्रदेश मेंं हत्या, अपहरण एवं दुष्कर्म जैसे संगीन अपराधों में भी गिरावट हुई है। उन्होंने बताया कि पिछले अढाई वर्षो से लगातार आईपीसी के अपराध कम होना सुखद है, पुलिस के सामूहिक प्रयासों की वजह से संगीन अपराधों का खुलासा हुआ उसके लिये साधुवाद। उन्हाेंने बताया कि गत वर्ष की तुलना में माह अगस्त तक आईपीसी के अपराधों में 6.85 प्रतिशत कमी आई है। उन्होंने बताया कि महिलाओं से सम्बन्धित अपराधों में 4 प्रतिशत कमी हुई है। इसी प्रकार अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के प्रति अपराधों में 45 से 51 प्रतिशत के प्रति अपराधों में 24 प्रतिशत कमी आई है ।
गृह मंत्री ने निर्देश दिये कि प्रदेश में बढ़ रहे साईबर अपराध चिंता का विषय है, इसे रोकने की प्रभावी कार्यवाही की जाये, ताकि पुलिस की छवि और सुधार हो सके।
श्री कटारिया ने कहा कि जो पुलिसकर्मी 5 साल से ज्यादा समय से थानों एवं यातायात में कार्यरत हैं, उन्हें अन्य जगहों पर लगाया जाये, इसी प्रकार सीएलजी के सदस्य जिन्हें 2 वर्ष से अधिक समय हो गया है, उनके स्थान पर नए सदस्य बनाये जावें।
बैठक में विशेष पेंशन, पदोन्नति नियम, थानों को बेकार सामान से मुक्त करने जैसे विषयों पर भी चर्चा के साथ ही इस वर्ष में अपराधों की रोकथाम के लिये निर्देश दिये कि अपराध प्रबंधन मेें आधुनिक तकनीक व सूचना तंत्र का अधिक से अधिक उपयोग कर संगठित अपराध एवं हार्डकोर अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जायें।
