वही साईकल, लेपटाॅप, स्कूटी सहित विभिन्न योजनाये चलाकर उन्हें लाभान्वित कर रही है, जबकि निजी विद्यालय में पढने वाले विद्यार्थियों को इनमे से एक भी योजना से लाभान्वित नही करके समानता का अधिकार खत्म कर विद्यार्थियों में द्वेष की भावना पैदा की जा रही है। ज्ञापन में बताया कि जहाँ राजस्थान सरकार अपने ही सरकारी स्कूल में पढने वाले एक बच्चे को बोर्ड परीक्षा में 94: अंक प्राप्त करने पर 21 लाख रुपये का इनाम देती है वही निजी स्कूल में 99.5 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाली बच्ची अनुराधा सैनी को किसी प्रकार की सहायता न देकर बच्चो के साथ भेदभाव कर रही है। बच्चा चाहे सरकारी स्कूल में पढता हो या निजी में सब बच्चे तो एक समान होते है, उनके साथ भेदभाव करना सबसे बड़ा अपराध है। वहीं पूर्व की राज्य सरकार ने ये सुविधाए सरकारी व निजी विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए समान रूप से लागु कर रखी थी, परन्तु वर्तमान सरकार ने ये भेदभावपूर्ण निति अपना रखी है जो की संविधान और मौलिक अधिकारों का हनन है। ज्ञापन मंे बताया कि शिक्षा सरकार का दायित्व है, इसमें सहयोग करने वाले गैर सरकारी स्कूलों के संचालकों व कर्मचारियों के लिए भामाशाह स्वास्थ्य बीमा, प्रधानमंत्री जीवन बीमा व अटल पेंशन योजना जैसी योजनाएं राज्य सरकार हम निजी विद्यालयों के लिए भी बनायें क्यों कि हम भी सरकार का कार्य कर रहे है तो वहीं राजस्थान सरकार द्वारा समानता और मौलिक अधिकारों को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है जो कि संविधान के अनुसार अनुचित है। जिले के समस्त निजी विद्यालयों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों की ओर से अनुरोध है कि इस भेदभावपूर्ण नीति को बंद कर समान रूप से सरकारी योजनाओ का लाभ निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों को दिलवाने के आदेश करवाने की मांग की गई। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष सुरेश जाटोल, जिला प्रभारी आनन्द जे थोरी, महामंत्री प्रेमसिंह, नारायणदास खत्री, गंगाराम चैधरी, राजेन्द्र शर्मा, लक्ष्मण टाक, प्रवीण कुमार चैधरी, प्रेम परिहार, आसूराम कुकणा, विक्रम सिंह जसोल, लालचन्द सियाग, प्रेम कुमार, मुकेश व्यास, खेमाराम मेहरा सहित कई निजी विद्यालय के प्रतिनिध मण्डल में मौजूद रहे।
विद्यार्थियों के हितों के लिए निजी विद्यालय संचालक पहुंचे कलक्ट्रेट निजी विद्यालय संचालकों ने सौंपा ज्ञापन
विद्यार्थियों के हितों के लिए निजी विद्यालय संचालक पहुंचे कलक्ट्रेट
निजी विद्यालय संचालकों ने सौंपा ज्ञापन, आखिर अनुराधा का क्या कसूर
बाडमेर
स्कूल शिक्षा परिवार से जुड़े निजी विद्यालय के संचालकों ने राज्य सरकार की भेदभाव पूर्ण नीति के विरोध में बुधवार को जिला कलक्टर को राज्यपाल व राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौपें। स्कूल शिक्षा परिवार द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि राजस्थान सरकार द्वारा सरकारी विद्यालयों में पढने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृति के नाम पर सहायता राशि दी जा रही है
आखिर क्या कसूर-स्कूल शिक्षा परिवार के जिला प्रभारी आनन्द जे थोरी ने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियांे के लिए जो दोहरी निति अपनाई जा रही है वो बिलकुल ही गलत है हम एसएसपी उसका खुला विरोध करते है उन्होंने कहा कि आखिर अनुराधा का क्या कसूर था, जहां अनुराधा ने बोर्ड परिक्षा में 99.5 प्रतिशत अंक हासिल कर राजस्थान में टाॅप किया था, जबकि राज्य सरकार द्वारा सरकारी विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थी जिसको 94 प्रतिशत अंक हासिल हुए, उसे 21 लाख रूपये का चैक दिया गया। जबकि अनुराधा को कुछ भी नहीं दिया गया। जिला महामंत्री प्रेम सिंह ने कहा कि एक तरफ सरकार कह रही है बेटियो को सम्मान रूप से पढ़ाओ और भेदभाव मत करों तो दूसरी और सरकार स्वयं ही भेदभाव पूर्ण निति अपनाकर क्या साबित कर रही है। इस दौरान नारायणदास खत्री ने कहा कि राज्य सरकार की दोहरी निति किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे

