जयपुर, 6 जून। लगभग दो साल पहले इस शख्स के पेट में दर्द की शिकायत शुरू हुई। अस्पताल में दिखाने पर डॉक्टर ने सोनोग्राफी करवायी तो पता चला कि उसकी एक किडनी ने काम करना बंद कर दिया है। अचानक इतनी बड़ी शारीरिक समस्या के आ धमकने से उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसे अपनी ही जिन्दगी बोझ लगने लगी। इस गंभीर बीमारी की वजह से वह हताश-निराश हो उठा। हर तरफ से परेशान इस शख्स की जिन्दगी को बचाने का काम किया राजस्थान सरकार की भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना ने।
यह शख्स हैं राजसमन्द जिले के दोवड़ा गाँव निवासी 35 वर्षीय भैरूलाल गुर्जर। भैरूलाल मार्बल उद्योग में काम करते हुए अपना परिवार पाल रहा है। कुल जमा चार जनों के परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। जाँच के बाद जब उसे किडनी फेल होने की जानकारी दी गई तभी से वह हताशा से घिर गया।
एक तरफ गरीबी से संघर्ष और दूसरी तरफ शरीर को चलाने के लिए बार-बार डायलिसिस का झंझट। जीवन बचाने के लिए हर माह लगभग नौ बार डायलिसिस करवाने की जरूरत के लिए पैसों का इंतजाम करना मुश्किल हो गया। एक बार डायलिसिस करवाने पर करीब 1700 रुपए का खर्च आता है। महीने में नौ बार अस्पताल में भर्ती रहकर डायलिसिस करवाने पर प्रतिमाह करीब 15 हजार रुपए का इंतजाम करना उस जैसे गरीब आदमी के लिए भारी पड़ रहा था।
शुरू-शुरू में उसने इधर-उधर से पैसों का इंतजाम कर डायलिसिस करवाया लेकिन बाद में उसे लगने लगा कि इतना खर्च उठा पाने में वह सक्षम नहीं है और ऎसे में जिन्दगी से संघर्ष के सिवा उसके पास और कोई रास्ता नहीं है। इसी हताशा-निराशा के बीच उसे राजस्थान सरकार की भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना की जानकारी मिली, जिसने उसके जीवन में नई आशा और विश्वास का संचार कर दिया। इस योजना से लाभ पाने के बाद भैरूलाल के माथे से चिन्ता की सारी लकीरेें मिट गई हैं, उसका डायलिसिस अब पूरी तरह निःशुल्क हो रहा है।

