उन्होंने कहा कि दुनियाभर में छाई आर्थिक मंदी के बावजूद भारत का 7.6 प्रतिशत की दर से विकास हो रहा है। अमेरिका और यूरोप की आबादी वृद्ध होती जाएगी, जबकि भारत की युवा आबादी होगी। व्यापार के नियमों को आसान बनाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पिछले साल हमने 1200 नियम खत्म कर दिए। भारत देश में आने वाले निवेश पर विपरीत प्रभाव डालने वाले नियम-कानूनों को समाप्त करता रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत अपनी अर्थव्यवस्था के विस्तार के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा करेगा।नई दिल्ली : नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) का कहना है कि भारत में प्रौद्योगिकी के बढ़ते प्रसार के कारण डिजिटल लेनदेन मोबाइल वॉलेट्स और बायोमेट्रिक माध्यमों के जरिए किए जाएंगे और ATM, क्रेडिट, डेबिट कार्ड्स के चलन खत्म हो जाएंगे।उन्होंने कहा कि करीब 1500 कंपनियों ने हैदराबाद और बेंगलुरू में अपने नवाचार केंद्र खोले हैं। भारत सस्ती इंजीनियरिंग का केंद्र है। विदेश मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सचिव ने इस मौके पर कहा कि यह एक सकारात्मक संकेत है कि देश के राज्य विकास के मामले में एक-दूसरे के साथ प्रतियोगिता कर रहे हैं। लेकिन उन्होंने साथ ही भारतीय उद्यमों को बाहर के देशों में भी संभावनाएं तलाशने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अफ्रीका और खाड़ी देशों में नई संभावनाएं हैं।”
ATM, क्रेडिट, डेबिट कार्ड्स होंगे बंद
दिल्ली – नीति आयोग के सीईओ ने कहा कि, भारत में फिजिकल बैंकिंग लगभग समाप्त हो चुकी है और यहां प्रौद्योगिकी का इतनी तेज रफ्तार से प्रयोग हो रहा है कि अगले तीन-चार सालों में डिजिटल लेनदेन मोबाइल वॉलेट और बायोमीट्रिक माध्यमों से ही होगा। ATM, क्रेडिट, डेबिट कार्ड्स का चलन पूरी तरह खत्म हो जाएगा।

