इंदौर में शांतिदूत का शांति सन्देश सुनने एवं कृष्ण की कहानियों में खो जाने के लिए मध्य प्रदेश व देश के कोने-कोने से कथा में डेढ़ लाख से ऊपर भक्तों का हजूम उमड़ पड़ा। चारों ओर कथा के पंडाल में लाखों लोगों की भीड़ और कृष्ण को जानने के लिए उत्सुक चेहरे श्रद्धा से भरे हुए हृदय अपने आप में मनमोहक नजारा पेश कर रहे थे।
पूज्य महाराज श्री की कथा सुनने के लिए ट्रेनों, बसों एवं हज़ारों की संख्या में अपने वाहनों से लोग कथा में पहुंचे। पूज्य देवकी नंदन जी के मुखारविंद से देवकी के नंदन की कथाएं सुन भक्तजन भाव विभोर हो कथा पंडाल में ही डेरा जमाए हुए थे। कथा के दौरान भक्ति रस में डूब, नाचते गाते व कृष्ण याद में अश्रु बहाते भक्त गण कथा उपरान्त अपने घरों को जाने को तैयार नहीं, आयोजकों को बार-बार पंडाल को बड़ा करना पड़ा, ताकि भक्तों को किसी भी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े। इसलिए LED की screen से स्टेज से कथा करते महाराज श्री के दर्शन करवाए जा रहे हैं क्योंकि इतनी दूर तक बैठे भक्तों को सीधे मंच के दर्शन सम्भव नहीं थे।
कथा के अंतिम दिनों में इतनी ज्यादा भीड़ और एकदम व्यवस्थित शिष्टाचार के अंदर शांतचित्त बैठे हुए लोगों को निहार कर सनातन संस्कृति की सौम्यता पर हमे गर्व है।
आधिकारिक तौर पर मध्यप्रदेश के मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय जी, अन्य मंत्रियों और अधिकारियों ने भी यह घोषणा कि की इससे बड़ी कथा कभी भी इंदौर की में नहीं हुई। विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट और विश्व शांति सेवा समिति सभी भक्तों को व्यवस्थित तौर पर शिष्टाचार के साथ कथा सुनने, कार्यकर्ताओं का व्यवस्था बनाने और प्रशासन के सहयोग के लिए धन्यवाद करता है।
